भारत के प्राचीन इतिहास को जानने में भारतीय धर्मग्रन्थ काफी महत्वपूर्ण हैं.
- भारत का सबसे प्राचीन लिखित धार्मिक धर्मग्रन्थ है वेद. वर्तमान में वेद के चार भाग हैं. वेदों के संकलनकर्ता थे - महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास .
- वेदों के पश्चात् भारतीय प्राचीन इतिहास की जानकारी मिलती है पुराणों में. पुराणों के रचयिता लोहमर्ष एवं उनके पुत्र उग्रश्रवा को माना गया है. पुराणों की कुल संख्या 18 है.
- इसके अलावा प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी हमें "स्मृतियों" से भी प्राप्त होती है.
- बौद्धधर्म एवं उस समय के इतिहास की जानकारी "जातक" से प्राप्त होती है.
- जैन साहित्य की जानकारी "आगम ", "कल्पसूत्र", और "भगवातिसुत्र" से मिलती है.
- मौर्याकाल के बारे में सटीक जानकारी कौटिल्य द्वारा रचित "अर्थशास्त्र" नामक पुस्तक से मिलती है जो 15 अधिकरणों में विभक्त है.
- कल्हण द्वारा रचित संस्कृत साहित्य "राजतरंगिनी" से काश्मीर के साहित्य की जानकारी मिलती है.
- उसी प्रकार लेखक पाणिनि द्वारा रचित संस्कृत साहित्य "अष्टाध्यायी" से भी इतिहास की जानकारी मिलती है.
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